जैसे वृक्ष को हिलाते है ना। तो निश्चय की नींव अर्थांत फाउन्डेशन को हिलाने के पेपर्स भी आयेंगे। फिर पेपर देने के लिये तैयार हो अथवा कमजोर हो? पाण्डव सेना तैयार है या शक्तियॉ तैयार है, अथवा दोनों तैयार है? होशियार स्टुडेण्ट पेपर का आह्वान करते हैं और कमजोर डरते हैं। तो आप कौन हो? निश्चय बुद्धि की निशानी यह हैं कि वह हर बात व हर दृश्य को निश्चित जानकर सदा निश्चिंत होगा, क्यों, क्या और कैसे की चिन्ता नहीं होगी। फरिश्तेपन की लास्ट स्टेज की निशानी है- सदा शुभचिंतक और सदा निश्चिंत- ऐसे बने हो? रियलाइजेशन कोर्स में स्वयं को रियलाइज करो। और अब अंतिम थोडे-से पुरुषार्थ के समय में स्वयं में सर्व-शक्तियों को प्रत्यक्ष करो। प्रत्यक्षता वर्ष मना रहे हो ना? बाप को प्रत्यक्षता करने से पहले स्वयं में (जो स्वयं की महिमा सुनाई) – इन सब बातों की प्रत्यक्षता करो, तब बाप को प्रत्यक्ष कर सकेंगे। यह वर्ष विशेष ज्वाला स्वरूप अर्थांत लाइट हाऊस और माइट हाऊस स्थिति को समझते हुए इसी पुरुषार्थ में रहो- विशेष याद की यात्रा को पॉवरफुल बनाओ, ज्ञान-स्वरूप के अनुभवी बनो। ऐसा स्वयं की उन्नति के प्रति विशेष प्रोग्राम बनाओ। जिस द्वारा आप श्रेष्ठ आत्माओं की शुभ वृत्ति व कल्याण वृत्ति और शक्तिशाली वातावरण द्वारा अनेक तडपती हुई, भटकती हुई, पुकार करने वाली आत्माओं को आनन्द, शान्ति और शक्ति की अनुभूति हो। समझा? अब क्या करना है? सिर्फ सुनाना नहीं है, अनुभव करना है। अनुभव कराने के लिये पहले स्वयं अनुभवी मूर्त बनो। इस वर्ष का विशेष संकल्प लो। स्वयं को परिवर्तन कर विश्व को परिवर्तन करना ही है। समझा? द्रढ संकल्प की रिजल्ट सदा सफलता ही है । अच्छा। अव्यक्त बापदादा।।